काँटों को पनाह देते है हम
और फूल बना देते है हम
वह राज़ की बातें करते है
हमराज़ बना लेते है हम
जो दिल में है उसे दिल ही में रखना
क्या हाल है उनका सूरत से बता देते है हम
जान कर जो ख़ुद से अन्जान बना करते है
हर अक्स को उनका आईना बना देते है हम
वो आए तो पलकें बिछा के बैठे है
न आए तो भी खुशगवार है हम
इस नासाज़ दुनिया में
क्या उम्मीद और क्या हौसला
कहीं किसी के दिल में दबी कोई तमन्ना है हम
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